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Russia अब Ukraine को दे रहा परमाणु युद्ध की धमकी, Putin खुद कर रहे निगरानी,अमेरिका ने बाल्टिक देशों में भेजे सैनिक और हथियार

रूस की तरफ से जानकारी दी गई है कि रूस से ताजा सैन्य अभ्यास में युद्धपोतों,पनडुब्बियों और लड़ाकू विमानों से मिसाइलें दागी जाएंगी और ज़मीन से भी समुद्र और ज़मीन के निशानों को भेदा जाएगा.

रूस ने यूक्रेन की सीमा पर राष्ट्रपति पुतिन की देखरेख में रणनीतिक परमाणु बलों का सैन्य अभ्यास शुरू कर दिया है. इससे यह समझा जा रहा है कि रूस यूक्रेन को अपनी परमाणु शक्ति से डराना चाह रहा है. इससे पहले रूस की संसद ने पुतिन को देश के बाहर बल का प्रयोग करने की अनुमति दे दी थी. एक दिन पहले पुतिन ने यूक्रेन के दो क्षेत्रों को स्वतंत्र देशों के रूप में मान्यता दी थी. पुतिन ने कहा था कि ये क्षेत्र अब यूक्रेन और उनके संप्रभु क्षेत्र का हिस्सा नहीं हैं. इससे रूस ने अमेरिका और पश्चिमी देशों की चेतावनी को पूरी तरह से अनसुना कर यूक्रेन और रूस के बीच युद्ध को सीधा निमंत्रण दिया है.

उधर अमेरिका ने यूक्रेन के चारों ओर तैनात सेना पर “हमले के लिए तैयार” होने का आरोप लगाया है. रूस-यूक्रेन संकट के बीच दोनों देशों की सीमा पर हालात बिगड़ने के आसार हैं। रूस की संसद ने राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के उस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है, जिसके तहत वे अपनी सेना को दूसरे देश में कार्रवाई करने के लिए भेज सकते हैं।
इसे लेकर पुतिन ने कहा कि अभी उनके पास सारे विकल्प खुले हैं। दूसरी तरफ यूक्रेन में रूस की तरफ से उठाए जा रहे इन कदमों का पश्चिमी देशों ने माकूल जवाब देने का फैसला किया है। जहां पहले जर्मनी और ब्रिटेन ने रूस के खिलाफ प्रतिबंध लगाए तो वहीं अब अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने देश को संबोधित करते हुए रूस पर अंतरराष्ट्रीय कानून के उल्लंघन का आरोप लगाया और कहा कि रूस पर महत्वपूर्ण प्रतिबंधों की घोषणा कर दी है।पश्चिमी देश रूस की रूस के साथ युद्ध की चिंता बढ़ती जा रही है. इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन की राष्ट्रीय सुरक्षा टीम ने उन्हें बताया है कि उन्हें अभी भी यकीन है कि “रूस किसी भी समय यूक्रेन पर हमला” शुरू कर सकता है. जो बाइडेन ने इस मुद्दे पर अपने वरिष्ठ सलाहकारों के साथ चर्चा भी की है.

समाचार एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार रूस की तरफ से जानकारी दी गई है कि रूस से ताजा सैन्य अभ्यास में युद्धपोतों,पनडुब्बियों और लड़ाकू विमानों से मिसाइलें दागी जाएंगी और ज़मीन से भी समुद्र और ज़मीन के निशानों को भेदा जाएगा. व्हाइट हाउस प्रेस सचिव जेन साकी ने कहा कि “रूस के लिए कूटनीति का द्वार अभी भी खुला है। हम कूटनीति के दरवाजे कभी भी पूरी तरह बंद नहीं करने जा रहे हैं। लेकिन कूटनीति तब तक सफल नहीं हो सकती जब तक रूस अपनी कार्यप्रणाली नहीं बदलता।”

शक्तिशाली G7 देशों के विदेश मंत्रियों ने कहा है कि उन्हें रूस की तरफ से सेना को पीछे हटाने के कोई संकेत नहीं दिख रहे हैं और पूर्वी यूरोप के इस इलाके में रूस की सैन्य गतिविधियां बेहद चिंतित करने वाली हैं.

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